मुस्लिम नाम से डराकर हिंदू किसानों की जमीनें औने-पौने दामों में खरीदी, बाद में संस्था का नाम बदला।

बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक एवं भाजपा नेता की कारस्तानी

 

खरगोन: मुस्लिम नाम वाली संस्था बना कर हिंदू किसानों को डरा-धमका कर उनकी ज़मीनें कौड़ियों के मोल खरीदने का खुलासा होने के बाद पुलिस और प्रशासन जांच में जुटा है।
यह बात प्रोफेसर प्रकाशचंद्र महाजन के नाम से रजिस्टर्ड कंपनी पीसी फाउंडेशन को लेकर सामने आ रही है। इस कंपनी का पंजीयन कराते समय इसका नाम तंजीम-ए-ज़रखेज़ था, जिसे काम हो जाने के बाद बदलकर पीसी फाउंडेशन करवा लिया गया।

सूत्रों के अनुसार चेरिटेबल ट्रस्ट तंजीम-ए-ज़रखेज़ भी प्रकाश स्मृति सेवा संस्थान की तरह किसी चेरिटी के लिए नहीं, बल्कि ज़मीनों की खरीद-फरोख्त के लिए बनाया गया था। इसके लिए मराल कंपनी में काम कर रहे मो. जा़किर शेख नाम के युवक को वहां से नौकरी छुड़वाकर यहां ज्यादा सेलरी देकर इस तंजीम का मैनेजर बनाया गया। इसे पूर्ण मुस्लिम लिबास में इस मुस्लिम संगठन का नुमाइंदा बताकर यह प्रचारित किया गया कि क्षेत्र की सारी जमीन तंजीम-ए-ज़रखेज़ कंपनी खरीद रही है, जो मुस्लिमों को बसाने के साथ ही कत्लखाने आदि खोलेगी।
इस कंपनी का पंजीकृत कार्यालय कागजों में इंदौर बताया गया। क्षेत्र के किसानों को डराया गया कि जब मुसलमान यहां बस जाएंगे तो इस पूरे क्षेत्र की जमीनों की भविष्य में कोई कीमत नहीं मिल पाएगी, इसलिए अभी यह कंपनी जिस भी दाम में आपकी जमीन खरीद रही है, बेच दें। आप इन्हें अपनी जमीन बेच दें, नहीं तो इतने रुपए भी नहीं आएंगे। क्षेत्र के ज्यादातर किसान इनकी इन बातों में आ गए, और अपनी जमीनें औने-पौने दामों में बेच दीं। इस कंपनी के द्वारा खरीदी गई सारी जमीनों की रजिस्ट्रियां भी इस मुस्लिम कंपनी तंजीम-ए-जरखेज के नाम पर हुई हैं। जमीनों की खरीदी के बाद इस तंजीम-ए-ज़रखेज़ का नाम बदलकर पीसी फाउंडेशन अर्थात् प्रोफेसर प्रकाशचंद्र महाजन फाउंडेशन करवा लिया गया। तंजीम-ए-ज़रखेज़ के मैनेजर मो. जा़किर शेख के लड़के आवेश को बीते दिनों मुंबई एसआईटी टीम आकर जांच के लिए खरगोन से मुंबई लेकर गई थी। इस मामले को सामने लाने वाले वकील सुधीर कुलकर्णी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और किसानों के हक की आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।

मुस्लिम संस्था में बजरंग दल!
पुलिस के अनुसार इस मुस्लिम नाम की संस्था (कंपनी) तंजीम-ए-ज़रखेज़ के अध्यक्ष के पद पर बजरंग दल के पूर्व प्रांत सह संयोजक, बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीसीबी अध्यक्ष रणजीतसिंह डंडीर के नाम की बात सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि बाद में इन्हीं के हस्ताक्षर से तंजीम-ए-ज़रखेज़ का नाम बदलकर पीसी महाजन फाउंडेशन किया गया। ये वही प्रोफेसर पीसी महाजन हैं, जिनके नाम पर ही प्रकाश स्मृति सेवा संस्थान नामक संस्था (कंपनी) रजिस्टर्ड है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?
मैं अभी प्रधानमंत्री आवास के कार्यक्रम में बैठा हूं। इस मामले पर बाद में फ्री होकर बात करता हूं। -रंजीतसिंह डंडीर, अध्यक्ष: पीसी फाउंडेशन एवं बीजेपी नेता एवं पूर्व सीसीबी अध्यक्ष खरगोन।

(साभार: पीपुल्स समाचार)

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