मोरबी हादसे की FIR में किसी का नाम नहीं, तो फिर पुल टूटने का जिम्मेदार कौन?

 

 

गुजरात के मोरबी में हुए हादसे में 140 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। अब इस मामले में ब्रिज का मैनेजमेंट करने वाली कंपनी पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। वहीं हादसे की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है. हादसे को लेकर दर्ज की गई FIR में कई जानकारियां सामने आई हैं। FIR कॉपी में किसी का नाम नहीं है। वहीं धारा 304, 308 और 114 के तहत FIR दर्ज कराई गई है।

 

FIR की कॉपी में बताया गया है कि हादसा 30 अक्टूबर की शाम साढ़े 6 बजे हुआ, वहीं मोरबी पुलिस को इसकी जानकारी रात 8 बजकर 15 मिनट पर हुई। FIR में बताया गया है कि जिस कंपनी के पास पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी थी और इसके प्रबंधन में शामिल थी, उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं दुर्घटना में शामिल लोगों पर मामला दर्ज किया जाएगा।

 

हादसा क्यों हुआ?

FIR की कॉपी में ब्रिज गिरने को लेकर खराब मैनेजमेंट और उच्च लापरवाही को दोषी बताया गया है। FIR में बताया गया–

“ब्रिज के रखरखाव में घोर लापरवाही हुई। लापरवाही का पता होते हुए भी ब्रिज चालू कर दिया गया। वहीं प्रशासन से बिना किसी पूर्व अनुमति के 26 अक्टूबर को इसे लोगों के लिए खोल दिया गया.इसे चालू करने से पहले क्वालिटी की जांच नहीं की गई। खराब मैनेजमेंट और रखरखाव में हुई लापरवाही के कारण यह घटना हुई है। इस घटना के लिए मैनेजमेंट देख रही एजेंसियां ​​जिम्मेदार हैं।”

 

FIR में घटना को लेकर और डीटेल में बताया गया कि मोरबी में ये ब्रिज सन 1879 में बनवाया गया था। ब्रिज की लंबाई 765 फीट, चौड़ाई 4.6 फीट और ऊंचाई 60 फीट है। पुल पिछले 8 महीनों से मरम्मत और रखरखाव के लिए बंद था। गुजराती नए साल यानि 26 अक्टूबर को ब्रिज को पर्यटकों के लिए खोला गया था।

 

दीपावली की छुट्टी के कारण बड़ी संख्या में लोग पुल पर जा रहे थे। हादसे के वक्त पुल पर 250 से 300 मौजूद थे। मरने और घायल होने वालों में मुख्य रूप से बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हैं।

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