11 नवंबर को शिक्षा दिवस के अवसर पर जुमुआ में खिताब करेंः मिल्ली काउंसिल बिहार

फुलवारी शरीफ 9 नवंबर
मौलाना अबुल कलाम आजाद भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे, उनके मंत्रालय ही में भारत का शैक्षणिक खाका तैयार हुआ। विश्वविद्यालयों और कालेजों की जो रौनक देश में नजर आ रही है, वह मौलाना आजाद के फिक्र की रहीने मन्नत है। उन्हों ने भारत की शिक्षा प्रणाली को मज़बुत बुनियादों पर खड़ा किया, इस लिए मौलाना आजाद के जन्मदिन पर 11 नवंबर को बिहार और देश के सरकारी और अवामी स्तर पर शिक्षा दिवस मनाया जाता है। इन ख्यालात का इजहार करते हुए मिल्ली काउंसिल के कार्यवाहक महासचिव मुफती नाफे आरफी ने कहा कि ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल हर साल इस अवसर पर शैक्षिक जागरूकता कॉन्फ्रेंस और मीटिंगें करती है। और मोलाना आजाद को श्रद्धांजलि पेष करती है। ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल की केंद्रीय, राजकीय और जिलई शाखें इस अवसर पर शिक्षा दिवस समारोह का आयोजन काती हैं। मिल्ली काउंसिल अपने सभी जिलई, बलाक शाखों और स्कूल, कॉलेज व कोचिंग इंस्टीटयुट के जिम्मेदारों से अपील करती है कि 11 नवंबर को अपने अपने क्षेत्रों में शिक्षा दिवस समारोह का आयोजन करें और शैक्षिक जागरूकता तहरीक चलाएं। मसाजिद के इमामों और खतीबों से भी अपील की है कि वह आगे जुमुआ को अपने खुतबे और तकरीर का विषय तालीम को बनाएं और देश में मुसलमानों के तालीमी खिदमात से अवाम को अवगत कराने का प्रयास करें और और नौजवानों को तरग़ीब दें कि वह शिक्षा में आगे बढ़ें। मदारिस व मकातिब के शिक्षक मीटिंग के द्वारा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के मेयार को बेहतर बनाने का प्रयास करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.