पंजाब: धार्मिक पुस्तक की बेअदबी मामले में नामज़द आरोपी प्रदीप सिंह की फरीदकोट में गोली मारकर हत्या

 

 

चंडीगढ़: पंजाब में बेअदबी के मामले में नामजद आरोपी डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आज सुबह फरीदकोट में प्रदीप सिंह जब अपनी दुकान खोल रहा था, तभी दो मोटरसाइकलों पर सवार 5 लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग झोंक दी। कई गोलियां लगने से प्रदीप सिंह की मौके पर मौत हो गई। फायरिंग में उसके गनमैन और एक अन्य दुकानदार को भी गोलियां लगी हैं। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक प्रदीप सिंह का कत्ल करने से पहले उसकी रेकी की गई थी। चूंकि सुबह सड़कें खाली होती हैं और आसपास लोग भी कम होते हैं, इसलिए आरोपियों वारदात को अंजाम देने के लिए यही समय चुना।

 

25 सितंबर, 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह के गुरुद्वारा साहिब के बाहर पोस्टर लगाए गए थे, जिसमें सिखों की भावनाओं को भड़काने वाले कई आपत्तिजनकशब्दों का उपयोग किया गया था। इसके बाद 12 अक्टूबर, 2015 को बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के बाहर पावन ग्रंथ के पृष्ठ बिखरे हुए मिले थे। मामले में डेरा प्रेमियों पर बेअदबी के आरोप लगे थे। गुरु ग्रंथ साहिब की इस बेअदबी के मामले में नामजद छह डेरा प्रेमियों को मई 2021 में पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फरवरी 2021 तक इस मामले की छानबीन सीबीआई कर रही थी। बाद में पुलिस ने मामला दोबारा अपने हाथ में ले लिया था। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटकपूरा के रहने वाले निशान सिंह, रणजीत सिंह व प्रदीप सिंह के अलावा फरीदकोट के रहने वाले बलजीत सिंह व शक्ति सिंह सहित एक अन्य आरोपी सुखविंदर सिंह सन्नी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में फरीदकोट की अदालत में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है।

 

सिख धर्म में बेअदबी का क्या मतलब है?

बेअदबी का मतलब होता है अपमान करना। सिख धर्म में गुरु ग्रंथ साहिब या सिखों के पवित्र प्रतीकों का अपमान किया जाना, गुरु ग्रंथ साहिब के रखने के स्थान को नुकसान पहुंचाना, सिख गुरुओं के बताए रास्ते को या इतिहास को बदलने की कोशिश करना बेअदबी माना जाता है। बेअदबी के मामले IPC की धारा 295 और 295A के तहत आपराधिक कृत्य माने जाते हैं। गुरुद्वारे या वहां रखीं पवित्र वस्तुओं को नुकसान पहुंचाने पर 2 साल की सजा हो सकती है। धार्मिक भावनाएं भड़काने के मकसद से की गई बेअदबी पर 3 साल की सजा का प्रावधान है। साल 2018 में पंजाब ने बेअदबी के मसलों पर कानून में संशोधन करके धारा 295AA जोड़ने की बात आगे बढ़ाई थी। इसमें गुरुग्रंथ साहिब, श्रीमद्भगवतगीता, कुरान और बाइबल की बेअदबी पर आजीवन कारावास की सजा कर प्रावधान किया गया था। हालांकि, राज्य सरकार के इस प्रस्ताव पर केंद्र की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया गया। सिख समुदाय मांग करता रहा है कि बेअदबी के मामलों में 10 से 20 साल की सजा का प्रावधान होना चाहिए।

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