अब क्यूआर कोड से मिलेगी रसोई गैस सिलेंडर की पूरी जानकारी, जानिए कैसे करेगा काम?

नई दिल्ली (एजेंसियां) अगर आप रसोई गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपके लिए काम की खबर है। कई बार उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की जरूरी जानकारी नहीं मिल पाती है। उदाहरण के लिए, सिलेंडर में कितनी गैस है? पैकिंग के दौरान वजन कितना था? सिलेंडर की सुरक्षा के लिए जरूरी टेस्ट किए गए हैं या नहीं… इन सवालों के जवाब के लिए अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्यूआर कोड से आप एलपीजी सिलेंडर से जुड़ी सभी जानकारियां हासिल कर सकेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक अगले 3 महीने में देशभर में क्यूआर कोड वाले घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध होंगे।
क्यूआर कोड की मदद से घरेलू एलपीजी उपभोक्ता आसानी से पता लगा सकेंगे कि उनके घर पहुंचने वाला एलपीजी सिलेंडर किस प्लांट में बोतलबंद था। इसका डिस्ट्रीब्यूटर कौन है? आदि। इंडियन ऑयल के मुताबिक क्यूआर कोड हर एलपीजी सिलेंडर के लिए आधार कार्ड की तरह होगा। इससे एलपीजी सिलेंडर बॉटलिंग से लेकर वितरण तक की प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
20000 नए एलपीजी सिलेंडर जारी किए गए:
क्यूआर कोड के साथ 20000 नए एलपीजी सिलेंडर पहली किश्त में जारी किए गए हैं। इंडियन ऑयल ने कहा कि उसने क्यूआर कोड के साथ एलपीजी सिलेंडर के शानदार शॉट्स अपलोड किए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी मिल सके।
15 साल होती है सिलेंडर की अवधि
आपको बता दें कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर बीआईएस 3196 मानकों के अनुरूप निर्मित होते हैं और इनकी उम्र 15 साल होती है। इस दौरान एलपीजी सिलेंडर की दो बार जांच की जाती है, पहली जांच 10 साल पूरे होने पर और दूसरी जांच 5 साल पूरे होने पर की जाती है.

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