पाकिस्तान की संयुक्त अरब अमीरात से आर्थिक मदद की गुहार, यूएई पहुंचे प्रधानमंत्री

पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री बनने के बाद शाहबाज शरीफ की यह तीसरी यूएई यात्रा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान अपने देश के लिए नया आर्थिक पैकेज हासिल करना चाहते हैं। शाहबाज शरीफ अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम से मुलाकात करेंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान को यूएई का दो अरब डॉलर का कर्ज चुकाना है और शाहबाज शरीफ भी इस कर्ज की अदायगी में देरी करने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात द्वारा दो अरब डॉलर के निवेश को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार और शुक्रवार को बातचीत करेंगे।
कुछ दिन पहले, पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक ने घोषणा की कि उसके पास विदेशी मुद्रा भंडार में केवल $5.6 बिलियन शेष बचा है। यह पिछले आठ साल में सबसे निचला स्तर है। यह वित्तीय स्थिति एक ‘गंभीर जोखिम’ बन गई है और कयास लगने लगे हैं कि पाकिस्तान डिफॉल्ट कर सकता है।
पाकिस्तान इन सहायता ऋणों के जरिए डिफॉल्ट के जोखिम से बचना चाहता है।
बुधवार को, पाकिस्तानी प्रधान मंत्री ने कहा कि जिनेवा सम्मेलन के दौरान, पाकिस्तान को 9.7 अरब डॉलर की सहायता देने का वादा किया गया है ताकि पाकिस्तान बाढ़ के बाद पुनर्वास गतिविधियों को जारी रख सके। करीब 17 लाख पाकिस्तानी यूएई में काम और कारोबार करते हैं। इनमें ज्यादातर मजदूर हैं, जो अच्छी खासी रकम पाकिस्तान वापस भेजते हैं।
विभिन्न अनुमानों के अनुसार, पाकिस्तान में बाढ़ ने 20 लाख से अधिक घरों को नष्ट कर दिया और 30 अरब डॉलर से अधिक की क्षति हुई।
देश में जारी राजनीतिक संकट के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भी चरमरा रही है। पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुकाबले कई दशक के निचले स्तर पर है, जबकि महंगाई आसमान छू रही है। दूसरी ओर, वैश्विक ऊर्जा संकट ने भी इस देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक दबाव में डाल दिया है।

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