एमपी में राशन स्कीम घोटाला! ऑटो बाइक के नंबर पर बड़ी गाड़ियों के बिल बने

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में पोषण आहार बांटने में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई है, ये बिहार के चारा घोटाले की तरह ही है, इस बात का खुलासा अकाउंटेंट जनरल की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है, रिपोर्ट में बताया गया है कि 110.83 करोड़ रुपए का पोषण आहार तो सिर्फ कागजों में ही बंट गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक जिन ट्रकों से 1100 टन के पोषण आहार का परिवहन बताया गया है, वे असलियत में मोटर साइकिल और स्कूटर निकले हैं, यानी कंपनियों ने मोटरसाइकिल से ट्रक की क्षमता वाला पोषण आहार ढोने का अविश्वनीय काम किया है, यही नहीं, फर्जी परिवहन के लिए कंपनियों को 7 करोड़ रुपए भी अफसरों ने दे दिए हैं।

ऑडिटर जनरल ने इसकी जांच की तो अब हड़कंप मच गया है, प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत काम करने वाली आंगनबाड़ियों में कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार वितरित किया जाता है, पोषण आहार पहुंचाने की जिम्मेदारी निजी कंपनियों को दी गई है।

ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों ने परिवहन के लिए जिन ट्रकों के नंबर दिए थे, उनके रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच मध्य प्रदेश समेत उन तमाम राज्यों की परिवहन विभाग की वेबसाइट से की गई, जहां के वे बताए गए थे।

इन वेबसाइट पर ट्रक के नंबर स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार और ऑटो के पाए गए, यानी कंपनियों ने पोषण आहार का वितरण करने की बजाय सिर्फ कागजों में एंट्री दिखा दी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.