जितेंद्र त्यागी की किताब “मोहम्मद” पर पाबंदी लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज कर दिया, जिसमें एक किताब ‘मुहम्मद’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी. इसके साथ ही अदालत ने कथित हेट स्पीच को लेकर किताब के लेखक जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी और गाजियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर के विवादास्पद महंत यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी का आदेश देने से भी इनकार कर दिया.

पैगंबर मुहम्मद पर हिंदी में लिखी गई यह किताब कथित तौर पर पिछले साल नवंबर में प्रकाशित हुई थी.

द प्रिंट में अपूर्व मंदानी और भद्रा सिन्हा की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट इसके खिलाफ एक शिया धार्मिक संगठन भारतीय मुस्लिम शिया इस्ना आशारी जमात की तरफ से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिका में कोर्ट से त्यागी और नरसिंहानंद की ‘एहतियातन गिरफ्तारी’ का आदेश देने और उन्हें ‘इस्लाम धर्म के खिलाफ भड़काऊ और आहत करने वाली टिप्पणियां’ करने से रोकने की अपील की गई थी. उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष त्यागी ने पिछले साल यति नरसिंहानंद की निगरानी में हिंदू धर्म ग्रहण कर लिया था.

देश के चीफ जस्टिस यू.यू. ललित ने शुक्रवार को याचिकाकर्ताओं से कहा, ‘आप हमें अनुच्छेद-32 के तहत आपराधिक जांच का आदेश देने को कह रहे हैं, जो हम नहीं कर सकते. अगर हम इसकी अनुमति देते हैं, तो ट्रायल के दौरान क्या होगा? आपको कोई उचित समाधान तलाश सकते हैं लेकिन यहां नहीं.’

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