दिल्ली की शराब नीति पर ED ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का केस, 30 जगह छापे, सिसोदिया बोले- इसमें भी कुछ नहीं निकलेगा

नई दिल्ली: दिल्ली में शराब नीति पर आप सरकार की मुसीबतें कम होती नहीं दिख रही है. अब ईडी ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है. फिलहाल 30 जगहों पर छापेमारी की खबरें भी आ रही है. आज दिल्ली, मुंबई समेत 7 अलग अलग शहरों में छापेमारी हो रही है. ये छापे कुछ शराब कारोबारियों और पूर्व आबकारी अधिकारियों के घर मारे जा रहे हैं. छापे उन लोगों पर मारे जा रहे हैं जिनके नाम CBI की एफ़आईआर में दर्ज हैं.

हालांकि इस FIR में मनीष सिसोदिया का नाम है लेकिन उनके यहां रेड की कोई खबर नहीं है. मनीष सिसोदिया ने ईडी की छापेमारी पर बयान दिया है कि पहले इन्होंने सीबीआई के छापे मारे इस में कुछ नहीं मिला. अभी ईडी के छापे मारेंगे इसमें कुछ नहीं निकलेगा. देश में जो शिक्षा का माहौल बना हुआ है अरविंद केजरीवाल जी जो काम कर रहे हैं उसे रोकने का काम हो रहा है, लेकिन उसे रोक नहीं पाएंगे. यह सीबीआई यूज कर ले ये ईडी यूज कर ले. उसे रोक नहीं पाएंगे शिक्षा के काम को रोक नहीं पाएंगे. मेरे पास ज्यादा सूचना नहीं है । मेरी क्या तैयारी है मैंने ईमानदारी से काम किया है 4 स्कूलों के नक्शे और उन्हें मिल जाएंगे.

दिल्ली की शराब नीति को लेकर बीजेपी और आप के बीच पहले से ही खींचतान जारी है. एक तरफ जहां बीजेपी आरोप लगा रही कि आप ने नई शराब नीति में खूब माल कमाया. वहीं आप बीजेपी के इस आरोप को बकवास बता चुकी है.

इसके बावजूद आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की शराब नीति पर विपक्षी बीजेपी हमलावर बनी हुई है. हालांकि, वह नीति वापस ली जा चुकी है, बावजूद इसके दोनों पार्टियों के बीच सियासी संग्राम जारी है. बीते दिन बीजेपी ने एक स्टिंग जारी करके केजरीवाल की शराब नीति में कमीशनखोरी का आरोप लगाया है. बीजेपी प्रवक्ता, संबित पात्रा ने कहा, “स्टिंग मास्टर का ही स्टिंग हो गया, घोटाले के एक आरोपी के पिता ने खोल दी पोल.

इस पर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी बहुत दिन से चिल्ला रही है कि घपला हो गया. कभी कहते हैं 1300 करोड रुपए, कभी 8,000 करोड़ रुपये, कभी 500, कभी 144 करोड़, कभी 30 करोड़. फिर सीबीआई से FIR कराई तो सीबीआई ने ढूंढ-ढूंढ कर दूर से कहीं से खींच कर दो कंपनी के बीच में हो रही वाइट डीलिंग को जबरदस्ती मेरे ऊपर थोपने की कोशिश की.वह भी सूत्रों के हवाले से. उसके आधार पर मेरे घर पर छापा डलवा दिया, उसमें कुछ नहीं मिला.

Leave A Reply

Your email address will not be published.