डीएम अविनाश कुमार की पत्नी प्रीति सिंह ने फीता काटकर किया उद्घाटन

 

अबू शहमा अंसारी

बाराबंकी। जो रब है वही राम का संदेश देने वाले सूफी संत हाजी वारिस अली शाह के पिता कुर्बान अली शाह की याद में लगने वाला विश्वप्रसिद्ध देवा मेला एवं प्रदर्शनी का आगाज आज से हो चुका है। वैसे तो इस बार मेला और प्रदर्शनी का आयोजन 11 से 20 अक्टूबर तक होना था। लेकिन यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के निधन के चलते हुए राजकीय शोक के कारण देवा मेले का उद्धाटन 11 अक्टूबर को स्थगित करके आज किया गया। मेले का उद्धाटन डीएम अविनाश कुमार की पत्नी प्रीति सिंह ने एजाज रसूल गेट पर शहनाइयों, पीएससी बैंड की मधुर ध्वनि और आतिशबाजी के बीच फीता काटकर किया। इस दौरान शांति के प्रतीक कबूतर भी उड़ाए गये।

*सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम* दरअसल देवा महोत्सव कोविड-19 के संक्रमण के चलते बीते दो वर्षों से नहीं लग सका था। ऐसे में इस बार मेले में पहले से काफी ज्यादा भीड़ जुटी है। इसको देखते हुए पुलिस प्रशासन देवा मेले की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर काफी गंभीर है। देवा महोत्सव में उमड़ी भीड़ को लेकर पुलिस प्रशासन ने अभेद सुरक्षा व्यवस्था की है। सीसीटीवी और ड्रोन से मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए चार जोन और 20 सेक्टर में मेले को बांटा गया है। इसके अलावा 14 इंस्पेक्टर, 150 दरोगा, 31 हेडकांस्टेबल, तीन सौ कांस्टेबल, दो कंपनी पीएसी, सौ महिला आरक्षी और 50 ट्रैफिक के जवान लगाए गए है। मेले में यह कार्यक्रम होंगे आयोजित मेले में कवि सम्मेलन, मुशायरा जैसे पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ ही बॉलीवुड गायक मीका सिंह और पद्मश्री मालिनी अवस्थी के गीतों के साथ जुड़वा बहनें चिंकी-मिंकी की कॉमेडी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा मानस कार्यक्रम में भजन गायक रविंद्र जैन के शिष्य, पंडित प्रेम प्रकाश दुबे के भजन और फूलों की होली व उमाशंकर महाराज द्वारा साईं भजन प्रस्तुत किया जाएगा ये कार्यक्रम भी होंगे इसके अलावा सुचिता पांडेय का गीत-माला और यायावर रंग मंडल का हास्य नाटक सब गोलमाल है और निधि श्रीवास्तव व उनके ग्रुप द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं नृत्यांजलि फाउंडेशन की प्रस्तुति कथक संध्या के साथ मेले का समापन होगा। काफी स्थानीय कलाकार भी इस बार मेले में अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। वहीं मेले में दंगल, हाकी, बैडमिंटन, बॉलीबाल का आयोजन भी होगा। विभिन्न प्रांतों और जिलों के प्रसिद्ध सामानों के अलावा घरेलू जरूरत के सामानों के भी बाजार मेले में सजे हैं।. जबकि लंपी के चलते गाय-भैंस बाजार इस बार स्थगित है। वहीं घोड़ा-गधा बाजार में जानवरों की खरीद -बिक्री भी जारी है उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी अविनाश कुमार और उनकी पत्नी प्रीति सिंह ने कहा कि देवा मेले से निकलने वाला सद्भाव दुनिया को भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हाजी वारिस अली शाह की मजार कौमी एकता का प्रतीक है। हाजी साहब ने हमेशा सभी को प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। हमें उनके संदेश को इसी तरह आगे लेकर जाना है।

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