UP में बाढ़ राहत पर बीजेपी सांसद बोले ‘जीवन में इससे खराब इंतजाम नहीं देखा’ वीडियो वायरल

 

 

उत्तर प्रदेश बीजेपी की योगी सरकार अपनी पीठ लाख थपथपाए लेकिन जिस तरह अफसर राज चल रहा है उससे उसके अपने नेता भी त्रस्त हो चले हैं और गाहे बगाहे उनका फ्रस्ट्रेशन सामने आ जा रहा है। हालांकि अभी तक यह बात जिले स्तर के छोटे नेता ही कहते सुनते थे लेकिन अब वरिष्ठ भाजपा नेता, सांसद और मंत्री तक सरकार की पोल खोल दे रहे हैं कि इस सरकार में जो कुछ दिखाया बताया जाता है उसकी सच्चाई धरातल पर कुछ और ही निकलती है। ताज्जुब तब होता है जब यह जमीनी सच्चाई सत्ता, सरकार, संगठन में बैठे लोग उजागर करते हैं।

 

ताजा मामला बाढ़ राहत को लेकर सामने आया है जिसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। गोंडा के भाजपा सांसद ब्रज भूषण सिंह का जो वीडियो सामने आया है उसमें वह जिला प्रशासन पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। वह कह रहे हैं ‘पहले कोई भी सरकार होती थी तो बाढ़ से पहले एक बैठक होती थी। मुझे नहीं लगता कि इस बार बैठक हुई। सब भगवान भरोसे है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि कब पानी घटेगा और कब हमारी तकलीफ कम होगी। मैंने अपने जीवन में कभी इतना खराब इंतजाम नहीं देखा है। अफसोस ये है कि हम रो भी नहीं सकते और अपने भाव को व्यक्त भी नहीं कर सकते।

 

सांसद का यह वीडियो उस वक्त वायरल हुआ, जिस वक्त यूपी के 21 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। सांसद का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब अभी दो ही दिन पहले CM योगी ने कहा कि, ‘किसी भी पीड़ित को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए संकल्पित है।’ सीएम के बयान के बाद सांसद बृजभूषण सिंह वायरल वीडियो में कहते सुने जा रहे हैं कि, ‘हम तो रो भी नहीं पा रहे हैं।’

 

सांसद बोले- कोई सुनता नहीं, बस सुनना ही रह गया है। बोलोगे तो बागी कहलाओगे।

 

भाजपा सांसद ने आगे कहा कि कुछ ट्रैक्टर लगवाए गए हैं, जिससे लोग चलने की कोशिश कर रहे हैं। जिला प्रशासन पर भड़कते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से बाढ़ से पहले सुझाव मांगे जाने चाहिए थे। यहां बोलना बंद हो चुका है, सिर्फ सुनना ही बचा है। बोलोगे तो बागी कहलाओगे। भाजपा सांसद का वीडियो वायरल है, और लोग इसी बहाने सरकार पर हमले कर रहे हैं। उधर बाढ़ राहत सामग्री बांटने को लेकर हरदोई डीएम और बीजेपी विधायक भी आमने-सामने आ गए हैं। विधायक ने डीएम से कहा- तुमने गाजीपुर में भाजपा खत्म कर दी और यहां भी खत्म करने आ गए।

 

यही नहीं, उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में जिला प्रशासन के दावों और करनी पर जनप्रतिनिधि अपना आपा तक खो दे रहे हैं। बाढ़ प्रभावित गोंडा तथा अम्बेडकरनगर के साथ ही अलीगढ़ में तमाम कमी देखने के बाद जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ अपना मुंह खोला है। प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अधिकारियों को उदासीन बताया है। जी हां, योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता सूर्य प्रताप शाही बेहद सौम्य स्वाभाव के व्यक्ति हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले शहर की व्यवस्था देखने के बाद वह काफी बिफर पड़े।

 

अलीगढ़ के अफसर करते हैं हरामखोरी

 

योगी आदित्यनाथ सरकार में कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग के मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अलीगढ़ के जिला प्रशासन के साथ ही यहां के जनप्रतिनिधियों को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जनता परेशान है और अलीगढ़ के जन प्रतिनिधि सोते रहते हैं। इतना ही नहीं शहर की खराब व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि यहां पर तो अफसर हरामखोरी करते हैं। वह शुक्रवार सुबह शहर का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान सर्किट हाउस में अव्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जताई। शहर की सफाई व्यवस्था देखी। इसके बाद कासगंज के लिए रवाना हो गए।

 

 

डिप्टी सीएम ने दी हिदायत

 

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का भी प्रयागराज में दो दिन के प्रवास में बेहद ही खराब अनुभव रहा। अधिकारियों की निष्क्रियता से वह काफी हैरान दिखे और इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की। कहा कि जनता के लखनऊ जाने का मतलब अधिकारी ईमानदारी से काम नहीं कर रहे हैं। प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को कार्यप्रणाली सुधारने की हिदायत दी है। उन्होंने शुक्रवार की सुबह सर्किट हाउस में जनसमस्याएं सुनीं। अधिकतर समस्या बिजली, पानी, चिकित्सा, सड़क से जुड़ी थी। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को उसे 24 घंटे के अंदर निस्तारित करने का निर्देश दिया। कहा कि हमारे लिए जनता सर्वोपरि है।

 

समाज के अंतिम व्यक्ति को अधिकार, सम्मान व समस्त सुविधा दिलाना मोदी-योगी सरकार का लक्ष्य है। अधिकारी उसी मंशा के अनुरूप काम करें। कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी समस्या निस्तारित कराने के लिए लखनऊ का चक्कर काटता है तो इसका मतलब उस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी ईमानदारी से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों को चिह्नित करके कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य जनता की परेशानी दूर करना होना चाहिए, न कि उन्हें परेशान करना।

 

खैर, पहले बात गोंडा की जहां बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों के बीच पहुंचे कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने जब बाढ़ राहत कार्य में जिला प्रशासन की भूमिका के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि मत ही पूछिए तो अच्छा है। यहां तो बोलती ही बंद है, कुछ बोलेंगे तो बागी कहलाएंगे और सुझाव देंगे तो माना ही नहीं जाएगा। इसी कारण चुप रहिए।

 

गोंडा सांसद बृजभूषण शरण सिंह यही नहीं रुके। उन्होंने कहा- हम तो रो भी नहीं पा रहे। गोंडा में गुरुवार को बाढ़ से प्रभावित इलाकों का ट्रैक्टर से भ्रमण करने के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह मीडिया कर्मियों से भी मिले। इस दौरान जब उनके बाढ़ राहत की व्ययस्था के बारे में पूछा गया तो साफ कहा कि कुछ मत पूछिए तो ही अच्छा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन तो नकारा है। यहां पर तो सब भगवान भरोसे ही है। लोग तो अब वर्षा के रुकने का इंतजार कर रहे हैं। यहां पर अब तो जब पानी रुकेगा तभी राहत मिलेगी।

 

बृजभूषण शरण सिंह ने जब बाढ़ राहत कार्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जीवन में इससे खराब इंतजाम नहीं देखा। लोगों को हमारे समर्थकों ने ट्रैक्टर ट्राली पर बैठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हम भी तो ट्रैक्टर पर बैठकर ही क्षेत्र में घूम रहे हैं। घरों तक बाढ़ का पानी पहुंचा है। दो दशक बाद बाढ़ इतनी विकराल हुई और जिला प्रशासन मस्त है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के इंतजाम के लिए जून या जुलाई में तैयारी हो जानी चाहिए, लेकिन यहां नहीं है।

 

सांसद से जब पूछा गया कि आपकी सलाह क्या है, तो उन्होंने कहा कि उनकी तो बोलती ही बंद है। अगर कुछ बोलेंगे तो बागी कहलाएंगे। अगर हम कोई सुझाव देंगे तो उसपर अमल नहीं होगा, इसलिए बेहतर है हम चुप ही रहें। हम अपनी सरकार के खिलाफ क्या बोलें। बाढ़ के कारण कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को भी गोंडा में अपने आवास पर जाने के लिए ढेमवा रोड पर मंहगूपुर गांव के पास ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा।

 

उधर, बाढ़ राहत सामग्री बांटने को लेकर हरदोई डीएम और बीजेपी विधायक आमने-सामने है। विधायक ने डीएम से यहां तक कह दिया कि तुमने गाजीपुर में भाजपा खत्म कर दी और यहां भी खत्म करने आ गए।

 

मामला हरदोई जिले का है। यहां बाढ़ प्रभावित गांव कहारकोला पहुंचे बीजेपी विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह ‘रानू’ आज डीएम मंगला प्रसाद सिंह पर मामूली बात पर बरस पड़े। बाढ़ राहत सामग्री वितरित करने को लेकर विधायक ने डीएम को झल्लाते हुए अपने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए कहा कि तुमने गाजीपुर में भाजपा खत्म कर दी और यहां भी भाजपा खत्म करने आ गए। डीएम के मुखातिब न होने से विधायक खिन्न हो गए थे। विधायक की नाराजगी की चर्चा जिले में चारो तरफ है। इसका वीडियो सामने आने से हर कोई इसे देख सुन रहा है।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला कुछ इस प्रकार है। गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे हरदोई जिले की सवायजपुर विधानसभा से बीजेपी विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ब्लाक भरखनी के बाढ़ प्रभावित कहारकोला गांव पहुंचे और उन्होंने गर्रा नदी के कटान में अपने घर गंवा चुके 10 परिवारों से गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में मुलाकात की और उन्हें हर संभव शासकीय सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।

 

इसी बीच विधायक को सूचना मिली कि जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह भी गांव पहुंच रहे हैं। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह लगभग 3 बजे गांव पहुंचे और उन्होंने नदी गर्रा नदी के कटान से हुए नुकसान का मौके पर पहुंचकर मुआयना किया व ग्रामीणों के हित के लिए मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता, तहसीलदार शाहाबाद व ग्राम प्रधान को आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद करीब 3:30 बजे डीएम एमपी सिंह गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। डीएम एमपी सिंह विद्यालय में पहले से मौजूद क्षेत्रीय विधायक रानू सिंह से मुखातिब न होकर नदी में जिन 10 ग्रामीणों के मकान कट गए थे, उनके लिए राहत सामग्री को क्रमवार रखवाने लगे और ग्रामीणों से बाढ़ से हुई क्षति के बारे में जानकारी करने लगे।

 

करीब आधा घंटे तक क्षेत्रीय विधायक डीएम के क्रियाकलापों को पास में ही बैठकर देखते रहे। अंत में बाढ़ राहत सामग्री वितरित करने के लिए ज्यों ही डीएम ने विधायक रानू सिंह को बुलाया तो विधायक का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और विधायक रानू सिंह डीएम पर बरस पड़े।

 

विधायक ने कहा-

 

तुम्हें विधायक का प्रोटोकॉल नहीं मालूम, मै यहां कब से बैठा हूं और सब कुछ तुम्हें ही करना है तो तुम खुद ही बांट लो। ऐसा वैसा विधायक समझा है क्या? विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा तुमने गाजीपुर में भाजपा खत्म कर दी और यहां भी भाजपा खत्म करने आ गए। विधायक रानू सिंह ने डीएम एमपी सिंह को तमाम खरी-खोटी सुनाई। फिर क्या था डीएम एमपी सिंह बैकफुट पर आते दिखे और उन्होंने विधायक को काफी मनाने का काफी प्रयास किया। इसके बाद डीएम ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री ले जाने के लिए कह दिया और किसी ग्रामीण को राहत सामग्री अपने हाथ से नहीं दी।

 

इस पर डीएम ने विधायक के पास जाकर कान में कुछ कहा तो विधायक शांत हुए। इसके बाद राहत सामग्री लेकर जा रहे ग्रामीणों को खोजा गया पर सब लगभग सब जा चुके थे। इनमें से एक ग्रामीण बमुश्किल ढूंढ कर राहत सामग्री समेत विधायक और डीएम के समक्ष लाया गया। फिर फोटो सेशन हुआ, विधायक और डीएम ने बाढ़ राहत सामग्री देते हुए फोटो खिंचवाए पर दोनों के चेहरे पर गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था।

 

Zomato सर्विस नहीं चला रहे

 

बाढ़ग्रस्त इलाके का दौरा करने गए अंबेडकरनगर के जिलाधिकारी सैमुअल पाल का भी एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें वह बाढ़ पीड़ित लोगों यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि सरकार जोमैटो सर्विस नहीं चला रही है जो आपके घर तक खाना पहुंचाए।

 

खास है कि यूपी का अंबेडकरनगर जिला घाघरा नदी में उफान के कारण भीषण बाढ़ की चपेट में है। आपदा के बीच जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें नौकरशाहों की संवेदनहीनता उजागर हो जा रही है। टांडा में बाढ़ राहत शिविर में अंबेडकरनगर के DM सैमुअल पॉल बाढ़ पीड़ित लोगों यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि सरकार जोमैटो सर्विस नहीं चला रही जो घर-घर खाना पहुंचाएगी। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसकी कड़ी आलोचना की जा रही है।

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