ग्लोबल हंगर इंडेक्स में पिछड़ना भाजपा की गलत नीतियों का परिणाम

 

देश को चाहिए भूख से आजादी: एसडीपीआई

 

नई दिल्ली 16 अक्टूबर, 2022: ग्लोबल हंगर इंडेक्स – जीएचआई यानी वैश्विक भुखमरी सूचकांक में भारत का पिछली रैंक से 6 पायदान नीचे 107 पर गिरना बेहद चौंकाने वाला है और यह भाजपा की अमीर समर्थक सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का परिणाम है. सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव फैजल इज्जुद्दीन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके यह बात कही. यह बयान आयरिश सहायता एजेंसी कंसर्न वर्ल्ड वाइड और जर्मन संगठन वर्ल्ड हंगर हिल्फ़ की संयुक्त रूप से तैयार की गई हालिया रिपोर्ट के सुर्खियों में आने के बाद आया है. इस सर्वेक्षण में शामिल 121 देशों में से भारत अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश और नेपाल से भी पीछे 107वें पायदान पर पहुंच गया है. इस रिपोर्ट ने भारत के भूख और कुपोषण के स्तर को ‘गंभीर’ करार दिया है.

 

फैजल इज्ज़ुदीन ने कहा कि इससे पहले भी भारत की रैंक कुछ ज्यादा अच्छी नहीं थी पर इस बार यह पिछले साल के 101वें पायदान से भी नीचे चली गई है जो कि एक गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय है और बताया कि भूख से आजादी एसडीपीआई के प्राथमिक आदर्श वाक्यों में से एक है. उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा गढ़ी गई बढ़ी हुई विकास दर सिर्फ एक छलावा है क्योंकि भारत की जमीनी हकीकत लगातार भाजपा सरकार की गलत और गरीब विरोधी नीतियों का पर्दाफाश करती है.

 

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की रैंक को चौंकाने वाला और बेहद चिंताजनक बताते हुए एसडीपीआई नेता ने सरकार से गरीबों के हित में नीतियां बनाकर नागरिकों को न्यूनतम रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की ताकि भारत का गरीब कम से कम 2 वक्त की रोटी खा सके।

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