शहाब की हत्या जरूर करवाई गई लेकिन वह बिहार की जनता के बीच हमेशा जिंदा रहेंगे: नजरे आलम

 

 

असल शहाबुद्दीन समर्थक राजद के सामने कभी उनके और उनके परिवार की इज्जत को कम नहीं कर सकते: बेदारी कारवाँ

 

पटना- ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के अध्यक्ष नजरे आलम ने कहा के जो लोग भी डा0 शहाबुद्दीन साहब के खुदको समर्थक या साहबवादी कहकर राजद के सामने गिरगिराकर किसी पद के लिए भीख मांगते है वैसे लोगों से कहना चाहूंगा आपकी मुहब्बत की कद्र करता हूं। लेकिन एक बात याद रहे डॉक्टर शहाबुद्दीन साहब अपने जीते जी किसी के सामने झुके नहीं और न ही किसी के सामने किसी पद के लिए हाथ फैलाया, जो शख्स हमेशा दूसरों की मदद की, दूसरों को दिया, दूसरों को बनाया उसके समर्थक अगर किसी के सामने गिरगिराए तो सिवाय उनकी रूह और उनके परिवार को तकलीफ पहुंचाने के सिवा कुछ नहीं है। शहाबुद्दीन साहब अगर जीते जी एकबार नजर फेर लेते तो राजद के पास 20 विधायक नहीं होता, शहाबुद्दीन साहब कभी जेल से रिहाई के लिए लालू प्रसाद यादव के परिवार का सहारा नहीं लिए, हमेशा कानून और न्यायालय का सम्मान किए यही कारण है के राजद ने इसका नाजायज फायदा उठाया और जीते जी जेल में ही रहने पर मजबूर कर दिया और अंत: उन्की जान तक ले ली। पूरी दुनिया जानती है के शहाबुद्दीन साहब के जेल से निकलते ही किसने नीतीश कुमार जी को परिस्थिति का मुख्यमंत्री कहलवाया, लालू जी जानते थे के शहाबुद्दीन साहब बाहर रहे या जेल में उनकी शख्सियत कभी कम नहीं हुई, लालू जी ने उनके साथ साजिश कर उनसे नीतीश कुमार जी के खिलाफ बुलवाया और तिहाड़ भिजवाया जहां से वह जिंदा नहीं लौटे, जब शहाबुद्दीन साहब का दिल्ली में इलाज चल रहा था और राजद सांसद मनोज झा उनके इलाज प्रभारी थे तो तेजस्वी यादव के इशारे पर उनकी जिंदगी ले ली गई, उनको सिवान में दफन नहीं होने दिया गया। लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार शहाबुद्दीन साहब और पुरे बिहार के मुसलमानों के साथ कैसा बर्ताव किया किसी से छुपा नहीं है। लालू प्रसाद ने या तेजस्वी यादव ने कभी मुस्लिम लीडरशिप को पनपने नहीं दिया इसका जिम्मेदार सिर्फ ये लोग नहीं है बल्कि राजद से जुड़े कुछ मुस्लिम नेता जो सिर्फ लालू दरबार की चमचागिरी तक खुदको रखा और पूरे मुसलमानों के वोट का सौदा किया। हम विशेष रूप से सारन कमिश्नरी और बिहार के मुसलमानों से आग्रह करते हैं के अगर आप वाकई शहाब समर्थक और साहबवादी हैं तो डाक्टर शहाबुद्दीन साहब और उनके परिवार के लिए राजद जैसी मफादपरस्त पार्टी के सामने गिरगिराना बंद किजिए और एकजुटता के साथ शहाब के सपनों का सारन कमिश्नरी बनाने की मुहिम पर काम करें। लालू प्रसाद जी और उनकी पार्टी को समय जवाब देगा। हमारा अल्लाह हमारे लिए काफी है किसी की क्या औकात के वह किसी का मुकद्दर बनाए और बिगाड़े। आपके पास वोट की ताकत है उसी से ऐसी पार्टी को सबक मिल जायगा। बस एकजुटता की आवश्यकता है। अब वक्त है मुसलमानों को होश के नाखुन लेने का और खुदको मजबूत करने का। शहाबुद्दीन साहब के परिवार को भी अब सोचना होगा। उन्हें अपने समर्थकों के जज्बात का ख्याल रखना होगा और बड़ा फैसला लेना होगा।

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