जेलर की आंखों पर भी चढ़ा नफरत का चश्मा, मुस्लिम युवकों की जबरन मुंडवाई दाढ़ी, अपशब्द भी बोले! मुस्लिम समाज में आक्रोश, जिला कलेक्टर को दिया ज्ञापन। इमाम्स काउंसिल ने की जेलर बर्खास्त करने की मांग।

 

 

राजगढ़: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के जीरापुर में 13 सितंबर 2022 को पुलिस ने पांच युवकों कलीम पिता सलीम खां, वहीद पिता सद्दाम, तालिब पिता गुड्ड, आरिफ पिता गुड्डू, और सलमान उर्फ भोला पिता इकबाल निवासी जीरापुर को धारा 151 के तहत तहसील न्यायालय में पेश किया था, जहां से उनको जमानत नहीं मिली और उन्हें राजगढ़ जेल भेज दिया। 14 सितंबर को सुबह 9:00 बजे के करीब जिला जेल के जेलर द्वारा निरीक्षण के दौरान बंद पांचों युवकों से पूछताछ करते हुए अभद्र व्यवहार किया और उनसे उनकी जाति और नाम पूछे गए। जेलर ने फिर धर्म का चश्मा लगाया और उनसे उनके चेहरे पर रखी दाढ़ी के बारे में पूछ लिया। उन्होंने कहा कि हम मुसलमान हैं, नमाज़ पढ़ते हैं, इस्लिए दाढ़ी रखी हुई है। फिर क्या था जेलर ने सभी के सामने उनको पकड़वा कर कहा क्या पाकिस्तान से आए हो और उनके साथ जबरदस्ती करना शुरू कर दी। उनहोंने जेलर से बहुत मन्नत की, हाथ-पांव जोड़े लेकिन फिर भी जेलर ने उनकी नहीं सुनी और उनकी दाढ़ी काट दी। और इतना ही नहीं, जेलर ने मुस्लिम होने पर भी अपशब्द बोलते हुए उन युवकों को के साथ जेल में अभद्र व्यवहार किया। जेल से रिहा होने के बाद पांचों युवकों ने मिलकर जीरापुर अंजुमन कमेटी के सदर के साथ राजगढ़ के जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन दिया, जिसमें कहा कि जेलर द्वारा हमारे धर्म का अपमान करते हुए मुस्लिम धर्म की मान्यता के अनुसार रखी गई हमारी दाढ़ी को जेलर द्वारा जबरदस्ती कटवा कर हमारे धर्म का व हमारा अपमान किया गया है। तथा हमारे नबी की सुन्नत का भी अपमान किया गया है। जिसके कारण हमें बहुत अपमान का सामना करना पड़ रहा है। हम किसी को भी अपना मुंह दिखाने के काबिल नहीं हैं, उक्त जेलर के द्वारा धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम किया गया है जिससे जीरापूर नगर में मुस्लिम समाज में बहुत आक्रोश है तथा मुस्लिम समाज के कई व्यक्तियों में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। श्रीमान से निवेदन है कि जेलर के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की कृपा करें।

यह है मामला:

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के जीरापुर में पिछले दिनों एक युवती के साथ हो रही छेड़छाड़ में कुछ युवकों ने लड़की की इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ कर रहे युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जिसका खम्याजा़ यह हुआ कि पुलिस ने उनही युवकों पर प्रकरण दर्ज कर दिया जिन्होंने लड़की के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को पुलिस के हवाले किया था। पुलिस ने छेड़छाड़ करने वाले आरोपी पर भी प्रकरण दर्ज किया लेकिन जो युवक इसमें शामिल नहीं थे, उन पर भी प्रकरण दर्ज कर लिया था। जिसके बाद उन्हें जेल में डाल दिया गया, जहां उनके साथ जेलर द्वारा यह व्यवहार किया गया। युवकों के जेल से बाहर आने के बाद यह मामला जैसे ही प्रकाश में आया समाज में आक्रोश फेल गया।

राजगढ़ के ही रहवासी और ऑल इंडिया इमाम्स काउंसिल मध्य प्रदेश के अध्यक्ष मुफ्ती अताउल्लाह कासमी ने राजगढ़ जिला जेल के जेलर के इस कृत्य पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, “ जेलर द्वारा यह कृत्य अमानवीय, असंवैधानिक और शर्मनाक है। किसी भी जेल में जेलर की हैसियत कानून के रक्षक और कैदियों की देखभाल करने वाले की होती है। लेकिन कानून के इस रक्षक ने कानून की अवहेलना करते हुए जेल में बंद एक विशेष धर्म के युवाओं को गालियां दी और जबरन उनकी दाढ़ी मुंडवा दी। कैदियों के धार्मिक प्रतीक को निशाना बनाने वाले ऐसे क्रूर, नफरती और कानून तोड़ने वाले जेलर को नौकरी से बर्खास्त किया जाए। और उसे इस हरकत पर कड़ी कानूनी सजा दी जाए, ताकि प्रदेश और देश के भीतर धार्मिक सहिष्णुता, शांति और आपसी प्रेम और भाईचारा बना रहे। यदि इस जेलर को बर्खास्त नहीं किया गया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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